संविधान सभा का गठन | sanvidhaan sabha ka gathan kab hua

 संविधान सभा का गठन 
(sanvidhaan sabha ka gathan kab hua)

संविधान कैसे बना ?

संविधान सभा का गठन
संविधान सभा का गठन


संविधान बनाने के लिए 13 दिसंबर 1946 को नेहरू जी ने उद्देश्य प्रस्ताव रखा। यह उद्देश्य प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर से प्रभावित था। इसमें सभी नागरिकों को सामाजिक आर्थिक राजनीतिक न्याय प्रतिष्ठा और अवसर की समता देने का वादा किया गया था। उद्देश्य प्रस्ताव को संविधान सभा ने 22 जनवरी 1947 को स्वीकार किया।
इसी उद्देश्य प्रस्ताव से संविधान निर्माण का उद्घाटन हुआ। संविधान निर्माण के लिए अलग-अलग विषयों से संबंधित अलग-अलग समितियां बनाई गई। इस समितियां जो सिफारिशें करती। उनको संविधान सभा की बैठकों में रखा जाता। बहस और मतदान के फल स्वरूप में स्वीकार कर लिया जाता इस तरह यह संविधान का अंग बन जाती है। कुछ महत्वपूर्ण समितियों का उल्लेख निम्नलिखित है-


(1) प्रारूप समिति ( ड्राफ्ट कमेटी)


यह समय 29 अगस्त 1947 को गठित की गई । इसके अध्यक्ष डॉक्टर भीमराव अंबेडकर थे। इसके सदस्यों में-
(1) गोपाल स्वामी आयंगकर
(2) कृष्णस्वामी अय्यर
(3) के• एम• मुंशी
(4) मोहम्मद सादुल्लाह
(5) माधवराव (पहले इनके स्थान पर बीएल मित्तर थे )
(6) T.T कृष्णा मचारी (पहले इनके स्थान पर D.P खेतान थे।)
प्रारूप समिति का अध्यक्ष होने के कारण से डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को संविधान का पिता भी कहा जाता है। और उन्हें आधुनिक मन भी कहा जाता है। लेकिन यह स्मरण रहे कि संविधान का पहला प्रारूप बी एन (B.N)  राव ने बनाया था।


(2)
मौलिक अधिकारों पर समिति

इसके अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल थे।

(3) संघ समिति

 इसके के अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू थे।

(4) झंडा समिति

झंडा समिति के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद थे संविधान सभा ने 22 जुलाई 1947 को भारतीय तिरंगा स्वीकार किया।

संविधान सभा की प्रमुख समितियां


समिति                                      अध्यक्ष


प्रारूप समिति                    डॉक्टर भीमराव अंबेडकर
संघ संविधान समिति                जवाहरलाल नेहरू 
प्रांतीय संविधान समिति            बल्लभ भाई पटेल
कार्य संचालन समिति                डॉ राजेंद्र प्रसाद


मूल अधिकार एवं                     बल्लभ भाई पटेल
अल्पसंख्यक समिति


झंडा समिति     
                       जे. बी. कृपलानी


संविधान सभा के अधिकारी


संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद थे लेकिन अस्थाई अध्यक्ष डॉक्टर सच्चिदानंद सिन्हा थे 9 दिसंबर से 11 दिसंबर 1946 तक उन्होंने संविधान सभा की अध्यक्षता की थी 11 दिसंबर को डॉ राजेंद्र प्रसाद को संविधान सभा का अस्थाई अध्यक्ष बनाया गया।
▪संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार बी एन राव थे।
▪संविधान सभा के स्पीकर जीबी मावलंकर थे।
▪संविधान सभा में कुल 15 महिलाएं भी थी।


संविधान सभा के कार्य

 संविधान का निर्माण करना
संविधान सभा ने 1952 तक अंतरिम संसद के रूप में काम किया। इस तरह संविधान का निर्माण करने के बाद संविधान सभा भंग नहीं की गई। जब 1952 में नई संसद का गठन होगा तब जाकर यह भंग हुई

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